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विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों की जांच 1 दिन में कराई जाएगी: जिलाधिकारी


वैशाली:
शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों के साथ अपने कार्यालय कक्ष में शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी श्री यशपाल मीणा ने कहा कि जिला के सभी 2286 विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों की जांच 1 दिन में कराई जाएगी। इसके लिए लगभग 400 पदाधिकारियों की जरूरत पड़ेगी ।प्रत्येक पदाधिकारी 1 दिन में कम से कम 5 विद्यालयों में जाकर भौतिक रूप से जांच करेंगे। जांच में मुख्य रूप से विद्यालयों में छात्रों की संख्या ,बेंच-डेस्क की संख्या, कमरों की स्थिति, पेयजल शौचालय की स्थिति ,चहारदीवारी की उपलब्धता ,भवन का रंग रोगन एवं विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण की स्थिति पर प्रतिवेदन लिया जाएगा। इसके लिए 400 पदाधिकारियों को चिन्हित कर जांच के लिए उनके नाम के सामने स्कूल टैग करने का निर्देश दिया गया। दरअसल जिलाधिकारी के द्वारा पूर्व में जिला शिक्षा पदाधिकारी से सभी विद्यालयों की सूची और वहां उपलब्ध संसाधनों की जानकारी मांगी गई थी जिस पर रिपोर्ट प्राप्त हुआ था और इसे एमआईएस पर भी अपलोड कराया गया था ।इसकी सत्यता की जांच पदाधिकारियों से प्राप्त जांच प्रतिवेदन से की जाएग

 जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों की उपस्थिति के अनुरूप सभी विद्यालयों में बेंच-डेस्क की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी और इसे पहली प्राथमिकता दी जाएगी । जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विद्यालयों में स्पोर्ट्स के क्लास संचालित किए जाएं। विद्यालयों में स्पोर्ट्स मध्यान भोजन के बाद रखी जाए ताकि बच्चे विद्यालय में बने रहें। जिला में स्थित सभी 16 कस्तूरबा गांधी विद्यालयों का भी स्टेटस लिया जाएगा ।यहां विद्यालय छोड़ने का मामला ज्यादा आ रहा है। इसके लिए विद्यालय के वार्डन बच्चों के अभिभावकों से मिले तथा उनके साथ बैठक करें और शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराएं।  

जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा आठवीं पास बच्चों के नवम में नामांकन के लिए चलाए गए प्रवेश महोत्सव के बारे में बताया गया कि इस बार नवम वर्ग में 7300 नया नामांकन हुआ है और संख्या की दृष्टि से राज्य में वैशाली तीसरे स्थान पर है। डीपीओ समग्र शिक्षा ने बताया कि चहक प्रशिक्षण करा दिया गया है और यह प्रशिक्षण 4 बार दिया गया है ।शिक्षा का अधिकार विषय पर जिलाधिकारी के पूछने पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि जिला में 535 निजी विद्यालय संचालित है 136 विद्यालयों को निर्धारित मानक पूरा करने के आधार पर एनओसी दिया गया है ।इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि बिना जांच किए और भौतिक रूप से सत्यापन किए बिना एनओसी नहीं दिया जाए और जिन को दे दिया गया है वहां 25% नामांकन कमजोर वर्ग के बच्चों का हो जाए यह सुनिश्चित कराया जाए ।

बैठक में जिलाधिकारी के साथ उप विकास आयुक्त श्री चित्रगुप्त कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री समरेन्द्र प्रताप सिंह ,डीपीओ श्री राजन कुमार गिरी ,श्री निशांत किरण, श्री सुनील कुमार गुप्ता एवं सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी उपस्थित थे

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