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गैस लीक होने से 5 लोग बुरी तरह झुलसे, 3 की मौत के बाद अधिकारियों को बनाया बंधक



रिपोर्ट प्रभंजन कुमार // महुआ करीब एक सप्ताह पहले हुई गैस लीकेज से हुए आग लगने की घटना में जल कर घायल हुए एक युवक की बुधवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। युवक की मौत की खबर सुनकर चेहरा कला अंचलाधिकारी पीड़ित परिवार के घर गुरुवार को पहुंचें। उनके पहुंचने के बाद कोई सकारात्मक पहल नहीं होने के बाद घटना से आक्रोशित लोगों ने उक्त अंचलाधिकारी समेत प्रखंड विकास पदाधिकारी और थाना प्रभारी को भी घंटो बंधक बनाए रखा। घटना की नजाकत को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी महुआ संदीप कुमार और एस डी पी ओ महुआ पूनम केशरी भी मौके पर पहुंचे और इस मामले में उचित कार्रवाई किए जाने के आश्वासन दिए जाने के करीब 8 घंटे बाद बंधक बनाए गए सभी पदाधिकारी को ग्रामीणों की चंगुल से मुक्त कराया जा सका। ज्ञात हो कि महुआ अनुमंडल क्षेत्र के वस्ती सर्सिकन पंचायत के चकहाजी गांव में 28 सितंबर को अचानक गैस लीक होने के कारण 5 लोग बुरी तरह से घायल हो गए थे, जिसके बाद ग्रामीणों ने बेहतर इलाज के लिए महुआ अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया था जहां डॉक्टरों ने गंभीर अवस्था को देखते हुए पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया,पटना पीएमसीएच में सही से इलाज नहीं होने के बाद लोगों ने प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया जहां दो महिला की मौत 29 सितंबर को हो गई थी। जबकि दो घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा था , जबकि 5 अक्टूबर को उसी परिवार के एक 15 वर्षीया युवक की मौत हो गई।जानकारी के मुताबिक 28 सितंबर को दीक्षा गैस वितरक के द्वारा गैस वितरण  किया गया था जिसके बाद घर में गैस लीक होने के कारण अचानक आग लग गई थी जिसमे 5 लोग बुरी तरह से घायल हो गए थे, जिसमें 30 सितंबर को गुड्डू राय के पत्नी अंजू देवी, दूर्गा देवी की मौत हो गई थी जिसके 4 दिन बाद गुड्डू राय के 15 वर्षीय पुत्र गौरव कुमार की भी मौत हो गई, लेकिन इतना बड़ा घटना के बाद भी पदाधिकरी के तरफ़ से मृतक परिवार वालों को न्याय नहीं मिल सका। 5 अक्तूबर को युवक की मौत के बाद के बाद ग्रामीण उग्र हो गए  जिसकी सूचना चेहराकला अंचला अधिकारी को घटना से अवगत कराया गया तब भी अंचला अधिकारी नहीं पहुंचे, जब स्थानीय ग्रामीण आक्रोशित हो गए जिसके काफ़ी देर बाद अंचला घटना स्थल पर पहुंचे और मामला को टालमटोल कर मौके से निकलने की कोशिश करने लगे तभी ग्रामीण उग्र हो गए और अंचला अधिकारी को काफ़ी देर तक बंधक बनाएं रखें उसके बाद मौैके पर चेहराकलां प्रखंड़ विकास पदाधिकारी कुमोद कुमार एवं ओ पी थाना अध्यक्ष फेराज़ हुसैन मौैके पर पहुंच मामले को शांत कराया। तब लोग अविलंब मुआवजे की मांग पर अड़े हुए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी महुआ संदीप कुमार और एसडीपीओ महुआ पूनम केसरी स्वयं मौके पर पहुंचकर मामले में पहल करते हुए उचित कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिए जाने के बाद करीब 8 घंटे बाद ग्रामीणों ने बंधक बनाए गए सभी पदाधिकारियों को अपने चंगुल से मुक्त किया। तब जाकर तब जाकर स्थानीय प्रशासन ने राहत की सांस ली।

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