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नियमावली के प्रावधानों के अनुरूप मेडिकल अपशिष्टों का निपटान सुनिश्चित किया जाय: -जिलाधिकारी


वैशाली: हाजीपुर
जिलाधिकारी श्री यशपाल मीणा के द्वारा अपने कार्यालय कक्ष में मेडिकल कचरा प्रबंधन को लेकर किये गये बैठक में सिविल सर्जन एवं कार्यपालक पदाधिकारियों को जैव- चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2016 के प्रावधानों के अनुरूप जैव चिकित्सा अपशिष्टों का निपटान कराने का निदेश दिया गया।

जिलाधिकारी के यह पूछने पर कि बायोमेडिकल अपशिष्टों का कलेक्शन और डिस्पोजल कैसे किया जा रहा है। इस पर सिविल सर्जन ने बताया कि सदर अस्पताल सहित सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर पीला, लाल, एवं काला रंग के तीन डब्बे रखे रहते हैं जिसमें रंग के अनुसार निर्धारित अपशिष्टों को डाल दिया जाता है।

 ये डब्बे सभी जगह उपलब्ध हैं। इन डब्बों में जमा अपशिष्ट का उठाव चयनित एजेन्सी के द्वारा किया जाता है और उसके बाद इसे कलेक्शन सेन्टर पर रखा जाता है जहाँ से यह सामुहिक जैव चिकित्सा अपशिष्ट उपचार केन्द्र मुजफ्फरपुर भेजा जाता है। जिलाधिकारी के द्वारा निदेश दिया गया कि आवश्यकतानुसार तीनों रंग के डब्बों की प्यप्ति संख्या में खरीददारी कर ली जाय और सभी प्राथमिक स्वस्थ्य केन्दों पर इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करायी जाय। सभी कलेक्शन सेन्टर पर सीसीटीवी कैमरा लगाने एवं वहाँ की प्रतिदिन की खैरियत प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया गया।

निजी क्षेत्र के अस्पतालों के बारे में पूछने पर कार्यपालक पदाधिकारी नगरपरिषद हाजीपुर ने बताया कि स्वच्छता को लेकर नोटिस जारी किया गया था जिसका जबाव आईएमए के द्वारा प्राप्त हुआ है। उनके द्वारा बताया गया कि समय-समय पर साफ-सफायी की जाँच करायी जाती है। बड़े अस्पतालों में गीला एवं सूखा कचरा अलग-अलग रखा जाता है जहाँ से इम्पैनल एजेन्सी के द्वारा कचरा का उठाव किया जाता है परन्तु छोटे अस्पतालों में कचरा को अलग-अलग कर नहीं रखा जा रहा है। जिलाधिकारी के द्वारा इसे कड़ायी से लागू कराने का निदेश दिया गया। बैठक में उपस्थित वन प्रमंडल के पदाधिकारी को बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की गाईड लाईन का सभी पीएचसी और सदर अस्पताल में अनुपालन किया जा रहा है कि नहीं इसे देख लेने का निर्देश दिया गया।

जिला पशुपालन पदाधिकारी के द्वारा बताया गया कि जिला में कुल 23 पशु अस्पताल है परन्तु चयनित एजेन्सी मेडीकेयर के द्वारा पिछले चार माह से किसी भी अस्पताल से मेडिकल अपशिष्ट का उठाव नहीं किया जा रहा है। जिलाधिकारी के द्वारा इस पर लिखित प्रतिवेदन की मांग की गयी।

कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद हाजीपुर को हाजीपुर के हरिवंशपुर में स्थित डीआरसीसी जाने वाले रास्ते के पुरब में लगे कचरा के ढेर को हटवा कर वहाँ मिट्टि की भराई कराकर वृक्षारोपण कराने का निदेश देते हुए उस सम्पूर्ण क्षेत्र का सुन्दरीकरण कराने की बात कही गयी। जिलाधिकारी ने कहा कि वन विभाग एवं जल-जीवन-हरियाली के तहत इस कार्य को मूर्त रूप दिया जाय।

बैठक में जिलाधिकारी के साथ उप विकास आयुक्त श्री चित्रगुप्त कुमार, सिविल सर्जन वैशाली, जिला पंचायतीराज पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, डीपीओ आईसीडीएस, वन प्रमंडल पदाधिकारी, कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद हाजीपुर उपस्थित थे।

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