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पर्यावरण का संरक्षक है, हमारा संविधान


नालंदा संवाददाता: 
हमारा संविधान विश्व का सबसे बड़ा संविधान है। जिसमें नागरिकों के सर्वांगीण विकास के साथ पर्यावरण के संरक्षण व संवर्द्धन का व्यापक उल्लेख किया गया है। स्वास्थ्य नागरिक और स्वच्छ देश का निर्माण तभी हो सकता है जब हमारे आसपास का वातावरण ठीक होगा। ये बातें संविधान दिवस और विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में किसान कॉलेज के प्राचार्य डॉ अशोक कुमार ने कही। यह आयोजन राजनीतिक विभाग किसान कॉलेज और गौरैया विहग फाउंडेशन के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।


उक्त अवसर पर गौरैया विहग फाउंडेशन के संस्थापक निदेशक राजीव रंजन पाण्डेय ने कहा कि आज विकास के कारण पर्यावरण पर बुरा असर पड़ा है। हमारे संविधान में पर्यावरण संरक्षण मौलिक कर्तव्य में शामिल किया गया। जबतक आम लोग इस दिशा में जागरूक नहीं होगे तबतक संरक्षण संभव नहीं। हम सब को समावेशी विकास पर जोर देकर कार्य करना होगा।


डीआरडीओ के पूर्व वैज्ञानिक डॉ आनंदवर्धन ने कहा कि आज संविधान दिवस पर ये शपथ लें कि संविधान में बताए गए पर्यावरण संरक्षण के बातों को जीवन में अमल लायेंगे और एक स्वस्थ्य समाज और स्वच्छ भारत का निर्माण करेंगे।


इस मौके पर राजनीति विभाग के डॉ आनंद शंकर समदर्शी,सन्नी कुमार,पल्लवी भारती,प्रशांत कुमार,आरती कुमारी, लालेंद्र कुमार के अलावे सकड़ो छात्र मौजूद थे।

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