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प्रखंड मुख्यालय से सटे क‌ई गांवों के सरेह में नीलगाय कर रहे फसलों का नुकसान, किसान परेशान


रिपोर्ट अक्षय कुमार आनंद बेतिया बिहार 

मैनाटाड: वाल्मीकिनगर टाइगर प्रोजेक्ट से सटे प्रखंड के गांवों में जंगली जानवर नीलगाय,हिरण और सुअरों के द्वारा फसलों को नुकसान तो हमेशा किया जाता रहा है। लेकीन आलम यह है कि इधर क‌ई दिनों से प्रखंड मुख्यालय से सटे रमपुरवा बेलवाडीह माई स्थान,बौद बरवा, पिपरपाती,रामनगरी आदि क‌ई गांवों के सरेह में नीलगायों के द्वारा प्रतिदिन खेतों में लहलहाती गेहूं की फसल को चट किया जा रहा है। स्थिति यह है कि दिन हो या रात किसान दिन भर अपने खेत में लगाये गये फसल की रखवाली करने में लगे रहते हैं। फिर भी नीलगाय खेतों में लहलहाती गेहूं की फसल , सब्जियां सहित अन्य फसलें को अपना भोजन बना ले रहे हैं । किसान राजेन्द्र प्रसाद,अशोक राम, चंद्रकांत महतो, लक्ष्मण पटेल,संतलाल पटेल, हरिलाल प्रसाद आदि किसानों ने बताया कि हम लोगों के खेतों में लगे गेहूं की फसलों को नीलगायों के द्वारा काफी नुकसान किया जा रहा है। पहले हमलोगो के सरेह में नीलगाय का कोई आतंक नहीं था। लेकिन इधर के दिनों में नीलगाय का झुंड जंगल से आ गया है। किसान मरता क्या नहीं करता अपनी गाढ़ी कमाई के द्वारा लगाए गए फसलों को अपने सामने ही नुकसान होता देखता रहता है ।किसानों ने बताया कि वन विभाग को कई बार सूचना देने के बाद भी जंगली जानवरों को खेतों में से आने पर रोकने के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठाया जाता है ।जिससे जंगली जानवर बेरोकटोक खेतों में पहुंचकर फसलों को खा जाते हैं या नुकसान कर देते हैं। किसानों ने बताया कि जंगल के सभी गांव के पास अगर तार जाली लगा दिया जाये तो जंगली जानवर रिहायशी इलाकों में भी नहीं आयेंगे। जानवरों को भी नुकसान नहीं होगा और हमलोगो की फसल भी बच जायेगी। किसानों ने वन विभाग से खेतों में लगाई गई फसलों के नुकसान को रोकने के लिए मुकम्मल व्यवस्था करने की मांग की है।

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