दीदीजी फाउंडेशन संस्कारशाला में तीज महोत्सव का हुआ आयोजन


बिहार राज्य संवाददाता वीरेंद्र कुमार की रिपोर्ट 

पटना। सामाजिक संगठन दीदीजी फाउंडेशन ने राजधानी पटना के कुरथौल के राजपूताना स्थित फुलझड़ी गार्डन में तीज महोत्सव का आयोजन किया।

   तीज महोत्सव में अतिथि के तौर पर मिसेज बिहार ज्योति दास, रूपाली दास टुंपा, राकेश कुमार, आनंद सिन्हा, सुप्रिया सिन्हा, विक्की कुमारी,प्रवीण कुमार बादल उपस्थित थे।कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्जवलित के साथ हुयी। कार्यक्रम में महिलाओं ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। 


महिलाओं ने एक-दूसरे के हाथों मे मेहंदी लगायी और एक-दूसरे को तीज की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर दीदीजी फाउंडेशन की संस्थापक डा. नम्रता आनंद ने कहा,तीज को महिलाओं का त्योहार कहा जाता है। यह विवाहित महिलाओं के लिए बहुत महत्व रखता है, जो अपने पतियों की भलाई और दीर्घायु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए प्रार्थना करती हैं। चारों ओर हरियाली होने के कारण इसे हरियाली तीज कहते हैं। इस अवसर पर महिलाएं झूला झूलती हैं, लोकगीत गाती हैं और आनन्द मनाती हैं।तीज के त्यौहार को हरितालिका तीज या कजली तीज भी कहा जाता है।


उन्होंने कहा,आस्था, उमंग, सौंदर्य और प्रेम का यह उत्सव शिव-पार्वती के पुनर्मिलन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन पार्वती को शिव जी पति के रूप में प्राप्त हुए थे ।तीज के त्यौहार को हिंदू महिलाएं बहुत ही पारंपरिक और धूमधाम के साथ मनाती हैं। तीज त्यौहार में लड़कियां और महिलाएं व्रत रखती हैं तथा सोलह श्रृंगार करती हैं।तीज पर्व पर महिलाएं अपने पति तथा परिवार के मंगलमय जीवन के लिए प्रार्थना करती हैं।


 तीज महोत्सव के अवसर पर मेहंदी कंपटीशन का आयोजन भी किया गया। खुशबू कुमरी विजेता बनी जबकि नेहा कुमारी दूसरे जबकि पुष्पा कुमारी तीसरे नबर पर रही। सभी अतिथियों को डिजाइन एंड डिजायर की ओर से आकर्षक उपहार दिये गये। वहीं डा. नम्रता आनंद ने सभी महिलाओं को चूड़ी, बिदी , मेहंदी समेत अन्य श्रंगार की सामग्री दी।इस दौरान गीत-संगीत का भी आयोजन किया गया। 


राकेश कुमार, रूपाली दास टुंपा, आनंद सिन्हा, सुप्रिया सिन्हा ने लोगों को अपनी गायन से मंत्रमुग्ध किया।इस इस अवसर पर संस्कारशाला में सिलाई में प्रशिक्षित महिला और लड़कियों को सर्टिफिकेट दिये गये। मौके पर नेहा परवीन, रंजीत ठाकुर, रीना देवी, लवली कुमारी, अंजली, पल्ल्वी, डिंपल, सुमन, काजल, अनीता, बबीता समेत संस्कारशाला के कई बच्चे भी उपस्थित थे।

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