बच्चों का राष्ट्रीय त्यौहार बाल दिवस पर सिमुलतला की 11 वर्षिय जुही को कल्याण की जरूरत


 11 वर्ष की उम्र ओर 22 महिनो में कुल दो दर्जन से अधिक गोल्ड मेडल ओर स्वर्ण पदक जितने में पाई कामयाबी 

दर्जनों मंत्री ओर संस्थान द्वारा हुई प्रशस्ति पत्र से सम्मानित 

सोनो जमुई संवाददाता चंद्रदेव बरनवाल की रिपोर्ट 

बच्चों का राष्ट्रीय त्यौहार बाल दिवस पर जमुई जिले के सिमुलतला थाना क्षेत्र अंतर्गत खुरंडा गांव निवासी मंटु कुमार प्रजापति की 11 वर्षिय पुत्री जुही प्रजापति को राष्ट्रीय त्यौहार बाल दिवस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है । गरीबी में जीवन यापन कर रहे मंटु कुमार प्रजापति की 11 वर्षिय पुत्री जुही की कल्याण के लिए बिहार सरकार ओर केंद्र सरकार को अविलंब कोई ठोस पहल करनी चाहिए ताकि जुही राज्य ही नहीं बल्कि पूरे देश का नाम रौशन कर सके । 


जुही के माता-पिता राजस्थान में रहकर मेहनत मज़दूरी कर अपने बाल बच्चों का भरण-पोषण करने के साथ साथ अपनी पुत्री जुही प्रजापति को एक छोटी सी विधालय में शिक्षा ग्रहण कराने के साथ साथ उसे करांटे खेल में ध्यान आकर्षित करा दिये , जहां पर जुही ने जी जान लगाकर मेहनत करी और केवल मात्र 22 महिनो के भीतर विभिन्न बड़े बड़े शहरों में आयोजित राज्य एवं राष्ट्रीय करांटे चैम्पियनशिप में हिस्सा लेकर ना सिर्फ दो दर्जन से अधिक स्वर्ण पदक ओर गोल्ड मेडल जीतने में कामयाबी हासिल करी अपितु क्ई मंत्रियों और संस्थानों द्वारा प्रशस्ति पत्र से सम्मानित हुईं । ऐसे होनहार छोटी बच्ची जुही प्रजापति को राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार द्वारा बाल दिवस के शुभ अवसर पर ना सिर्फ सम्मानित किया जाना चाहिए बल्कि उसे आगे की कामयाबी के लिए हर संभव मदद दिया जाना चाहिए।


 क्योंकि बाल दिवस पर केंद्र एवं राज्य सरकार बच्चों की भविष्य के लिए कई कार्यक्रमों की घोषणा करती हैं जिसमें बच्चों की रहन सहन के स्तर को ऊंचा उठाना तथा स्वस्थ , निर्भीक और योग्य नागरिक बनाने का प्रयास शामिल है । देश के पहली प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिन हरेक वर्ष 14 नवंबर को मनाया जाता है । इस दिन खास तौर पर बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है । ज्ञात हो कि बच्चे देश का भविष्य हैं , इसलिए खास तौर पर बाल श्रम रोधी कानूनों को सही तरीके से लागु करने के लिए बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान रखने की जरूरत है । बताते चलें कि बाल दिवस कानून की नींव सन 1925 में रखी गई थी , जब बच्चों के कल्याण पर विश्व कॉफ्रेंस में बाल दिवस मनाने की सर्व प्रथम घोषणा हुई थी और सन 1954 में दुनिया भर में इसकी मान्यता मिली ।

Post a Comment

Type you comments here!

Previous Post Next Post